गुण संधि के 50 उदाहरण- अ तथा आ के बाद यदि इ, ई, उ, ऊ या ऋ स्वर आए तो इनके मेल से ‘ए’ ओ और अर हो जाता है यह मेल गुण संधि कहलाती हैं।
गुण संधि के 50 उदाहरण
- हित + इच्छा = हितेच्छा
- स्व + इच्छा = स्वेच्छा
- शुभ + इच्छा = शुभेच्छा
- अल्प + इच्छा = अल्पेच्छा/छ
- यथा+इच्छा = यथेच्छ/ छा
- भारत + इन्द्र = भारतेन्द्र
- धीर + इन्द्र = धीरेन्द्र
- राजन्/राजा+इन्द्र = राजेन्द्र
- खग + इन्द्र = खगेन्द्र
- गज + इन्द्र = गजेन्द्र
- बाल + उचित = बालोचित
- मानव + उचित = मानवोचित
- मित्र + उचित = मित्रोचित
- पुरुष + उचित = पुरुषोचित
- अवसर + उचित = अवसरोचित
- पाद + उदक = पादोदक
- पुण्य + उदक = पुण्योदक
- तीर्थ + उदक = तीर्थोदक
- स्नान + उदक = स्नानोदक
- प्राप्त + उदक = प्राप्तोदक
- मूल + उच्छेद = मूलोच्छेद
- मरण +उन्मुख = मरणोन्मुख
- फेन + उज्ज्वल = फेनोज्ज्वल
- मल + उत्सर्ग = मलोत्सर्ग
- भग्न + उत्साह = भग्नोत्साह
- प्रतीक + उपासना = प्रतीकोपासना
- उष्ण + उष्ण = उष्णोष्ण
- धार + उष्ण = धारोष्ण
- व्याज + उक्ति = व्याजोक्ति
- प्रिय + उक्ति = प्रियोक्ति
- हेमंत + ऋतु = हेमंतर्तु
- कण्व + ऋषि = कण्वर्षि
- भरत + ऋषि = भरतर्षि
- सप्त + ऋषि = सप्तर्षि
- शिशिर + ऋतु = शिशिरर्तु
- देव + ऋषि = देवर्षि
- ब्रह्मन् + ऋषि = ब्रह्मर्षि
- राजन् + ऋषि = राजर्षि
- नारद + ऋषि = नारदर्षि
- कुल + ऋषि = कुलर्षि
- अन्त्य + इष्टि = अन्त्येष्टि
- नव + इन्दु = नवेन्दु
- अंक + ईक्षण = अंकेक्षण
- गुडाका + ईश = गुडाकेश
- प्र + इषिति = प्रेषिति
- प्रइ + षक = प्रेषक
- प्र + ईक्षक = प्रेक्षक
- सुधा + इन्दु = सुधेन्दु
- उप + ईक्षा = उपेक्षा
- अप + ईक्षा = अपेक्षा
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मैं सूर्या इस ब्लॉग का लेखक हूँ। मैंने जय नारायण विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की है । मेरे पास की जानकारी आप लोगो के साथ साँझा कर रहा हूँ ।अगर कही कोई त्रुटी हो तो आप जरुर टिपण्णी करे । आप बने रहे हमारे साथ शब्द सूत्र पर । धन्यवाद ।